Gmail - दिन जो पखेरू होते, पिंजरे में ,में रख लेता पलता उनको जतन से मोती के दाने देता सीने से रहता लगाये - achoubey242@gmail.com:
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Saturday, 3 December 2011
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सोडी को पत्थर से डार लगता हे
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सोनी सोडी पहले भले ही कम अकाल होने से नक्सलियों के जल में फंस गई हो पर अब वह शहरी नेटवर्क की एक महत्व पूर्ण कड़ी हे और सतिर भी हे उसने पुलिश पर जो आरोप लगाये हे वो काफी संगीन हें उसने कहा हे की उसके साथ बतमीजी हुई हे डाक्टरों की परीक्षण रिपोर्ट में भी कहा गया हे की पत्थर पाए गए हें इतनी सुरक्षित जगह पत्थर केसे पंहुचे यह जाँच का विषय हे सोडी ने कहा हे की हमारा जेल रायपुर कर दो हमें पत्थर से डार लगता हे बड़ी अजीब शिकायत हे कोर्ट को भी लगा की फिरसे पत्थर का उपयोग ना हो सो आदेश कर दिया की जेल बदल दो मेरा मानना हे की कोई भी महिला अपराधी जाँच कर्ताओं पर यह इल्जाम आसानी से लगा सकती हे सोडी गंभीर आरोपों में घिरी हेउसकी सामाजिक प्रतिस्था तो ख़त्म हो ही गई हे अब क्या बचा हे वहां पत्थर पंहुचे या कुछ ओर क्या फर्क पड़ता सोडी को सो अपराधिक महिला इस तरह के बेबुनिया इल्जाम लगा कर सिम्पेथी हासिल करना चाहती हे ओर अधिकांश मामलों में वे इस तरह के हथकंडे अपना कर सिम्पेथी हासिल कर लेतीं हें |
पुलिश की छवि इस तरह मामलो में पहले से काफी सुधर पर हे पुलिश को मालूम हे की इस हरकत के परिणाम घातक होते हें अब इसतरह से प्रताड़ित करना संभव नहीं हे फिर भी यदि किसी ने यह दुस्साहस किया हे तो उसे कठोर सजा मिलना ही चाहिए हमारी संस्कृति कहती हे नारी का सम्मान हो चाहे वो अपराधी ही क्यों ना हो उसे इस तरह जलील नहीं किया जा सकता ... जय हिंद
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