Tuesday, 5 March 2013
बालको खनन घुटाला >>>>>>>>>>>>>>>>>> लूट करोड़ों में जुर्माना रुपैया > यह बात किसी से छुपी नहीं हे की बालको के नाम पर वेदांत खुलकर मनमानी कर रहा हे एनडीए के ज़माने में बेच गए बालको कम्पनी और वेदांत में अभी अभी अधिपत्य की लड़ाई जरी हे वेदांत को जंहा फायदा लेना हे तो वह वंहा बालको बन जाता हे जंहा वेदांत से फायदा लेना हे वंहा वेदांत हो जाता हे तो कुल मिला कर वेदांत के दोनों हाथों में लड्डू हे वेदांत ने पांच सो करोड़ में सो मेगावाट ताप विधुत संयंत्र सहित भारत एलुमिनियम की सब से मार्डन इकाई बालको का अधिगर्हन किया था और फिर अपने पैर पसारना शुरू किये डिशइनवेस्टमेंट के नाम पर उस समय का यह भी बड़ा घुटाला हे एनडीए के इस घुटाले के जाहिर होते हे सूचि बाध्य बाकि के उपकर्म बिकने से बच गए और इण्डिया स्यनिग का अस्त होगया यूपीए का जन्म हुआ तभी से विदंता विवादों की लड़ाई लड़ रहा हे वेदांत व्यापारी हे उसे लगा की बिन मांगे दो कम्पनिया हमारे हाथ में हे दोनों का दोनों हाथो से दोहन करो । अकबर ने प्रश्न किया की अविध खनन पर सरकार ने क्या किया सरकार ने कहा की बीस बार बतला दिया हे की बीस हजार का जुमाना वसूल लिया हे अब विदंता को सजा मिल चुकी हे एक जुर्म की दो दो सजा तो हो नहीं सकती मतलब मामले को कोलोज कर दिया हे और साथ में यह भी समझा दिया की किलोजर डक्कन आपके पास भी पूरी जानकारी के साथ पंहुचा दिया जायेगा आपको पता नहीं किलोजर डक्कन का बजन बहुत भारी हे अछे अच्छों की आवाज या तो बंद हो जाती हे या घुट जाती हे किलोजर का डक्कन आपके पास भी पंहुचा दिया जायेगा इसी तरह के खनिज घुटाले उड़ीसा में कर्णाटक में हुए हें उनमे मेजर अनिमित यही हे की खन्ना कंपनिओं ने माइनिंग पिलान से अधिक खन्न किया और जो खनिज नियम १ ९ ६ ४ का उल्लघन हे और खन्न पर रोक लगा दी वह रोक अभी भी लगी हे इस मामले में अकबर का जो कहना हे की सरकार दोषिओं को बचा रही रही हे अब दोषी कोन सरकारी अधिकारी या वेदान्त यहं मिलीजुली कुस्ती किसकी सब जानते हें ये बात तो पक्की हे की खनिज की लूट तो हुई हे दी गई सजा से कई गुनी हुई हे तो गुनाहगार कोन ???????????????????????? जय हिन्द
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