Sunday, 30 October 2011

eagle: Gmail - फूट डालो राज करो - achoubey242@gmail.com

eagle: Gmail - फूट डालो राज करो - achoubey242@gmail.com: Gmail - फूट डालो राज करो - achoubey242@gmail.com : 'via Blog this' दिग्गी, अन्ना संघ से समर्थन प्राप्त कर रहे थे या किसी ओर से मुदा तो जनलो...

Gmail - फूट डालो राज करो - achoubey242@gmail.com

Gmail - फूट डालो राज करो - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'दिग्गी, अन्ना संघ से समर्थन प्राप्त कर रहे थे या किसी ओर से मुदा तो जनलोकापाल का हे पूरा देश इस मुदे पर एक हे तो आपके कथन के अनुसार कांग्रेस से बड़ा संघ हो गया हे फिर आप के पेट में दर्द क्यों हो रहा हे आप तो सक्त लोकपाल लाकर संघ से अपनी लकीर बढ़ी कर लीजिये ओर अपने छिछोड़ा पन से देश को मुक्ति दीजिये| में पूछना चाहता हूँ की प्रजातन्त्र का पट्टा सर्फ कांग्रेस के पास हे जिसके शारीर में अंग्रेजो का खून ओर आत्मा में फ़िरगियों का वास हो एसी कांग्रेस से तो बहतर हे संघ| कांग्रेस जो पिछले ५० वर्षों से सत्ता में रहकर अंग्रेजों की तरह चूस गई हे इस देश को उसे कांगेस के लिए जिसने फूट डालो ओर राज करो कि निति से देश को चलाया मुस्लिम समाज को पाठ पढाया कि हम आपके हितेसी हें हिन्दू आपके दुश्मन हें जबकी दोनों कोमो को रहना यहीं हे दोनों पर संविधन एक सा लागु होता हे पर कांगेस की तुस्टीकरण की निति से मुस्लमान कोम के दोनों हाथों में लड्डू हें जब जी चाहता हे संविधान मान लेते हें जब जी चाहता हे मुस्लिम ला की बातें करने लगते हें जो सरकार ठीक से संविधन को लागू नहीं करपाई आपस में लडवाती रही ओर राज करती रही एसी कांगेस कि बकालत , फिर बरी आइ कोटा प्रणली की उस पर पाँच दस साल राज किया फिर मंडल अगया,जात से जात को लडवा दिया इस तरह फूट डालो ओर राज करो की निति से ५० वर्ष पूरे किये कांग्रेस ने अब फिर से मुस्लमान को संघ का भय दिखा कर जनलोकपाल कि मुद्दे पर एक हुए देश के टुकड़े करने में लग गई हे कांगेस
फूट डालो राज करो

Tuesday, 25 October 2011

(68) Anna Hazare

(68) Anna Hazare:
अन्ना वास्तु दोष मिटने अपने पुराने कमरे में चले गए ,फिर भी उनकी टीम पर वास्तविक दोष लगते ही जा रहे हें , किरण वेदी ने जो किया वह बह एक मानवी भूल नहीं थी,वो एक आदत थी जो हार सरकारी अधिकारी को होती हे वह शुरु से ही यात्राओं में हिराफेरी करता रहा हे टी ये डी ये में हेराफेरी के वो मास्टर होते हें विभाग में तो बाकायदा एक एसा बाबु होता हे जो इस तरह कि हेराफेरी का मास्टर पिस होता हे जो तमाम साहबों का यात्रा बिल इसी तरह से पेस कर साहब को इनकम करवाता रहता हे ओर उनके परिवार को सरकारी खर्चे पर यात्रायें करवाता रहता हे| किरण कि इस तरह कि यात्रायें आदत के तहत ही हई हे किरण वेदी को पता नहीं था की वे इस जन आन्दोलन में अन्ना की टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएँगी वो तो चुपचाप अपनी दुकान चलरही थीं जेसे दुसरे एन जी ओ चलते हें भारत में एसे सेकड़ों अधिकारी हें जो सरकारी नोकारियों में रहकर मजे मरते रहे ओर फिर जब सरकार ने उनकी सुनना बंद कर दी तो वे सरकार पर इल्जाम लगा कर एन जी ओ में चले गए खुद कि खोल ली नहीं तो किसी विदेशी एन जी ओ में शामिल हो गए ओर सत्ता के सोफष्टिकेतिक दलाल की भूमिका में आ गए |
.किरण वेदी कि नियत कहीं ख़राब नहीं थी उनकी नीति ख़राब हो सकतीं हे वह उनकी आदत का हिस्सा हे सो इस तरह की आदतें कभी कभी इतना बबल खड़ा कर देती हें कि लेने के देने पड जाते हें| किरण वेदी अकेली नहीं हें इस तरह की हेराफेरी में सेकड़ों अधिकारी फसे हैं पर मानते ही नहीं परिवार को सरकरी यात्रा करवाने से, छतीसगढ़ में तो यह आम प्रचलन में हे सरकार से झूट बोलकर यात्रा करना जन कहीं दर्शाना कहीं |
'via Blog this'

Gmail - उनकी तो आदत हे ? - achoubey242@gmail.com

Gmail - उनकी तो आदत हे ? - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'अन्ना वास्तु दोष मिटने अपने पुराने कमरे में चले गए ,फिर भी उनकी टीम पर वास्तविक दोष लगते ही जा रहे हें , किरण वेदी ने जो किया वह बह एक मानवी भूल नहीं थी,वो एक आदत थी जो हार सरकारी अधिकारी को होती हे वह शुरु से ही यात्राओं में हिराफेरी करता रहा हे टी ये डी ये में हेराफेरी के वो मास्टर होते हें विभाग में तो बाकायदा एक एसा बाबु होता हे जो इस तरह कि हेराफेरी का मास्टर पिस होता हे जो तमाम साहबों का यात्रा बिल इसी तरह से पेस कर साहब को इनकम करवाता रहता हे ओर उनके परिवार को सरकारी खर्चे पर यात्रायें करवाता रहता हे| किरण कि इस तरह कि यात्रायें आदत के तहत ही हई हे किरण वेदी को पता नहीं था की वे इस जन आन्दोलन में अन्ना की टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएँगी वो तो चुपचाप अपनी दुकान चलरही थीं जेसे दुसरे एन जी ओ चलते हें भारत में एसे सेकड़ों अधिकारी हें जो सरकारी नोकारियों में रहकर मजे मरते रहे ओर फिर जब सरकार ने उनकी सुनना बंद कर दी तो वे सरकार पर इल्जाम लगा कर एन जी ओ में चले गए खुद कि खोल ली नहीं तो किसी विदेशी एन जी ओ में शामिल हो गए ओर सत्ता के सोफष्टिकेतिक दलाल की भूमिका में आ गए |
.किरण वेदी कि नियत कहीं ख़राब नहीं थी उनकी नीति ख़राब हो सकतीं हे वह उनकी आदत का हिस्सा हे सो इस तरह की आदतें कभी कभी इतना बबल खड़ा कर देती हें कि लेने के देने पड जाते हें| किरण वेदी अकेली नहीं हें इस तरह की हेराफेरी में सेकड़ों अधिकारी फसे हैं पर मानते ही नहीं परिवार को सरकरी यात्रा करवाने से, छतीसगढ़ में तो यह आम प्रचलन में हे सरकार से झूट बोलकर यात्रा करना जन कहीं दर्शाना कहीं |


Friday, 21 October 2011

Google

Google: लाल शलम कत्लेआम b
नेतानार के नक्सली हमले में ६ जवान घायल ओर ६ शहीद हो गए हें , नक्सलीओं ने चारा डालकर जवानों को लुभाया ओर जब जवान घिर गए तो ५०० से अधिक की तादात में नक्सलीओं ने हमला बोल दिया चारा से मेरा मतलब हे की घटना की बीती रात को नक्सलीओं ने गावं में भरी उत्पात मचाया था इलाके में अपनी उपस्तिथि दर्ज कराइ थी , वन विभाग के चोकीदरों को बंधक बनाया, फर्नीचर में आग लगाई, ओर उसकी सूचना भी भिजवाई दी ताकी सर्च पार्टी उन्हें खोजे ओर वे उन पर हमला बोलें उनकी चल सफल रही सूचना के अधार पर जब जवान सर्चिंग पर निकले तो उन्हें जवानों को जाने दीया जब वे सर्च कर लोट रहे थे तो घात लगाकर हमला बोल दिया जिस में ६ जवान शहीद हो गए |
भीड़ के आकर में हमला करना ये माओ का सबसे पुराना , सरल ओर सफल तरीका हे, चीनी फोजें इसका खूब इस्तमाल करती हें मुझे याद हे की जब चीन से हमारा वार हुआ था तो प्रमुख ख़बरों में एक खबर ये भी रहती थी की चीनी सेना की संख्या इतनी हे की हम मरते मरते थक गए हें असला भी काम पडरहा हे, भीड़ में किया गया हमला सामने वालों पर मनोवज्ञान असर डालता हे अच्छे -अच्छे जोधा इस तरह के हमलों में ढेर हो जाते हें |
मेरी समझ में ये नहीं आ रहा हे की जब नक्सलीओं की उपस्तिथि वहां थी तो इस सर्च पार्टी को पीछे से कवर क्यों नहीं किया गया |ये आम बात हो गई हे की नक्सली भीड़ की शक्ल में ही हमला बोल रहे हें, तो प्रश्न उठता हे की बिना कवर के इन१६ जवानों को इस तरह केसे जाने दिया, इन जवानों के पीछे यदि दो, तीन कवर पार्टियाँ ओर होती तो हमले का अंजाम कुछ ओर होता घटना के दो घंटे बाद तक सहायता ना मिलना जवानों का मिडिया से अनुरोध करना ये सब दर्शाता कि बिना कवर के जवान फिल्ड पर भेजे गए उनकी शुध लेने वाला कोई नहीं था |

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Thursday, 20 October 2011

Gmail - तेल साम्राज्य के महाबली का अंत - achoubey242@gmail.com

Gmail - तेल साम्राज्य के महाबली का अंत - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'कलयुगी रावण का कल अंत हो गया ४१ वर्षों के इस रावण ने तेल बेच कर १८३ टन सोने का भण्डारण किया था यही सोना उसकी मोत का कारण बना |
विद्रोह के बाद जब उसने त्रिपोली छोड़ा तो वह अपने साथ इस सोने के भंडार को भी लेकर भगा, ख़बरें आ रही थीं की गदाफी भगा तो काफले की सकल मेंहे सुनकर बड़ा अजीब लगा इस मुस्किल घडी में भागते वक्त आमतोर पर भागने वाले जरुरत का ही सामान लेकर भागते हें पर लालची गदाफी १८३ टन सोने के साथ भगा ओर मारा गया | कहते हें की >>कनक ,कनक से सो गुनी मादकता अधिकाय या पाए बोरत हे वा पाए बोराय << इस का मोटा मोटी मतलब यही हे की अति का अंत ठीक नहीं हे वेसे तो सोने की तासीर कुछ एसे ही होती हे की मानव उसकी मोहमाया से छुट नहीं पता इतने बड़े भंडारण को देख कर वह अहंकारी होजाता हे ओर रावण की तरह व्योहार करने लगता हे गदाफी की एयासी किसी से छुपी नहीं हे कलयुगी रावण की भूमिका में गदाफी बिलकुल फिट बेठता हे , जिस दिन से उसने सोने का भंडारण शुरु किया था उसी दिन से उसने अपने हाथों अपनी मोंत की तिथि ओर कारण दोनों ते कर लिए थे
मरने से पहले गदाफी काफी डरा हुआ था गिड गीडा रहा था मतलब वो बहुदर तो था नहीं सो मारा भी तो गीदड़ की मोंत | तेल साम्राज्य के महाबली का अंत

Gmail - शरद पवार ने अपना मुह तब खोला हे जब उन्हें लगा की २ जी के चकर में वे भी ना - achoubey242@gmail.com

Gmail - शरद पवार ने अपना मुह तब खोला हे जब उन्हें लगा की २ जी के चकर में वे भी ना - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'शरद पवार ने अपना मुह तब खोला हे जब उन्हें लगा की २ जी के चकर में वे भी ना चकराने लगें |सिघवी ने कहा बोलने की आजादी हे बोलें, पर सोच समझकर बोलें |इतहास गवाह हे की मराठों ने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया हे , जेसे ही मतलब निकला कि तुरत पला बदल लेते हें| पिछले ८ वर्षों से सरकार में रहकर मजा मार रहे पवार ने पैंतरा बदलना शुरु करदिया हे| पेंतारा बदलने के पीछे दो अहम् कारण हें पहला दादा जो की यू पी ए में नंबर दो पर हें पवार उन्हें पचा नहीं पा रहेहें | दूसरा चुनाव हुए तो कांग्रेस की छव आने वाले चुनाव में फजीहत ना करा दे |
पवार हमेशा पावर गेम खेलते हें वो बिना पावर के रह हे नहीं सकते उन्हें भी लग रहा हे की कांग्रेस की लुटिया डूबने वाली हे सोउन्हों ने अभी से अपना दांव खेलना शुरु करदिया हे| वेसे जितने भी घटक दल हें वो किसी बड़े दल को तभी समर्थन देता हे जब तक उनके तमाम स्वार्थों की पूर्ती होती रहती हे आज तक जितनी भी गठबंधन की सरकारें बनी हें बेशक उन में सबसे कमजोर यू पी ए २ ही रही हे |मनमोहन सिह भले ही देश के अर्थ शास्त्र में फेल रहे हों पर कांग्रेस ओर उनके घटक दलों के लिए तो वरदान साबित हुए हें उनकी अर्थनीति से उन तमाम बाहुबली नेताओं को बल मिला जिनकी ओकात सो ,दो सो करोड़ घूस पचाने की नहीं थी, वो हजारों करोड़ डकार गए , एक ने तो हद ही करदी सोने के सिंहासन पर ही बैठ गया,घुस का रावण हो गया रेडी बंधुओं के यहं छपे में जो कुर्सी मिली वह सोने की थी जिस पर बैठ कर वो आयरन ओर एसे बेच रहे थे जेसे उनके बाप का मॉल हो
बात चल रही थी पवार के पावर की दादा से लेकर माम्नोहन सिह तक कह दिया सब कमजोर हें फूली हुई कमजोर नाश कि ओर इशारा भी कर दिया की इनकी कमजोरी के कारण न्यायपालिका सरकार पर हावी होगई हे महंगाई से पल्ला झडते हुए कहा की हम तो किसान हें महंगाई के बारे में दादा जाने ये वो शरद पवार हें जिनके कायर्काल में इनकी गलत नीति के करण प्याज के अंशु पूरे देश ने रोये ,शक्कर पर तो बाकायदा आरोपों के घेरे में आये बाहुबली होने के कारण मामला जादा तूल नहीं देपाया ये अलग बात हे पर विवादों में तो रहे ओया जनता ने ६० रूपया किलो चीनी खरीदी , इनकी नीतियों के चलते लाखों किसानो ने आत्महत्या की वो आज बोल रहे हें की सरकार कमजोर हे उनका कहने का कुल मिला कर यही मतलब हे की आब चलो कोई मजबूत ठीहा अभी से खोज लिया जाय

Tuesday, 18 October 2011

Facebook

Facebook:
कंग्रेस की जमानत जप्त होना बड़ी बात हे ,जमानत जप्त होने का साफ मतलब हे की अन्ना की अंधी चली हे क्योंकि अन्ना टीम ने खुल कर एलन किया था की जन्लोकपल बिल को लेकर कांगेस का रवैया ठीक नहीं हे अतः कांग्रेस को वोट ना दें, हिसार चुनाव के नतीजों ने काग्रेस को अन्दर से हिला दिया हे हिली हुई,काग्रेस की हेकड़ी कुछ इस तरह हे की अभी भी वो अन्ना का लोकपाल नहीं ला रहे हे वो तो राहुल बाबा के लोकसभा में दिए गए बयान पर काम कर रही हे राहुल ने कह था की लोकपाल चुनाव आयोग की तरह स्वतंत्र हो ओर उसे संविधानिक दर्जा हो संविधानिक दर्जा प्राप्ति के लिए काम से काम तीन चोथाई मत से पारित होना चाहिए जरुरी हे राहुल के इस जन्लोकपल पर अभी तो किसी ने कोई टिप्पणी नहीं आइ हे|
कांग्रेस अन्दर ही अन्दर इसी मकसद में लगी हे कांग्रेस ये तो समझ गई हे कि बिना लोकपाल वो चुनाव में उतर नहीं सकती ओर जन लोकपाल की क्रेडिट अन्ना को देना नही चाहती
सो राहुल बाबा कि मंशा के लोकपाल बिल पर वह गुपचुप तरीके से लगी हुई हे बबलू के लोकपाल बिल पर कांग्रेस में अभी तक तो आम सहमती हे ओर उसपर काम भी जोरो से चल रहा हे के मुद्दे पर जब कांग्रेसी प्रवक्ता से पूछो तो मुस्कराते हुए यही जबाब देते हे की अन्ना के बिल से भी सक्त ओर सवतंत्र बिल आयेगा |
बबलू के लिए कांग्रेस ये दावँ भी खेलेगी ये बात साफ हे की बिल सक्त ही होगा, काग्रेस इसे शीतकालीन सत्र में ही लायेगी भी पर पास करने का ठेका नहीं लेगी बिल पास करने में वो बिलकुल दिलचस्पी नहीं लेगी यदि पास होगया तो क्रेडिट जरुर पूरा लेगी उस वक्त अन्ना के पास कुछ कहने को नहीं होगा ये दावँ कांग्रेस जरुर खेलेगी तभी शुरु होगा असली सत्ता का कब्जाने का खेल वहीँ से शुरु होगी बी जे पी की असली यात्रा जो मतदाता के दरवाजे से शुरु होकर सांसद तक जाएगी | इस सत्ता परिवर्तन में बी जी पी को फायदा तो होगा सीटों में इजाफा भी होगा पर कहीं अति उत्सह में बी जी पी स्वयं खूंटे पर ना बैठ जाये |
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Gmail - Inbox (49) - achoubey242@gmail.com

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'via Blog this'कंग्रेस की जमानत जप्त होना बड़ी बात हे ,जमानत जप्त होने का साफ मतलब हे की अन्ना की अंधी चली हे क्योंकि अन्ना टीम ने खुल कर एलन किया था की जन्लोकपल बिल को लेकर कांगेस का रवैया ठीक नहीं हे अतः कांग्रेस को वोट ना दें, हिसार चुनाव के नतीजों ने काग्रेस को अन्दर से हिला दिया हे हिली हुई,काग्रेस की हेकड़ी कुछ इस तरह हे की अभी भी वो अन्ना का लोकपाल नहीं ला रहे हे वो तो राहुल बाबा के लोकसभा में दिए गए बयान पर काम कर रही हे राहुल ने कह था की लोकपाल चुनाव आयोग की तरह स्वतंत्र हो ओर उसे संविधानिक दर्जा हो संविधानिक दर्जा प्राप्ति के लिए काम से काम तीन चोथाई मत से पारित होना चाहिए जरुरी हे राहुल के इस जन्लोकपल पर अभी तो किसी ने कोई टिप्पणी नहीं आइ हे|
कांग्रेस अन्दर ही अन्दर इसी मकसद में लगी हे कांग्रेस ये तो समझ गई हे कि बिना लोकपाल वो चुनाव में उतर नहीं सकती ओर जन लोकपाल की क्रेडिट अन्ना को देना नही चाहती
सो राहुल बाबा कि मंशा के लोकपाल बिल पर वह गुपचुप तरीके से लगी हुई हे बबलू के लोकपाल बिल पर कांग्रेस में अभी तक तो आम सहमती हे ओर उसपर काम भी जोरो से चल रहा हे के मुद्दे पर जब कांग्रेसी प्रवक्ता से पूछो तो मुस्कराते हुए यही जबाब देते हे की अन्ना के बिल से भी सक्त ओर सवतंत्र बिल आयेगा |
बबलू के लिए कांग्रेस ये दावँ भी खेलेगी ये बात साफ हे की बिल सक्त ही होगा, काग्रेस इसे शीतकालीन सत्र में ही लायेगी भी पर पास करने का ठेका नहीं लेगी बिल पास करने में वो बिलकुल दिलचस्पी नहीं लेगी यदि पास होगया तो क्रेडिट जरुर पूरा लेगी उस वक्त अन्ना के पास कुछ कहने को नहीं होगा ये दावँ कांग्रेस जरुर खेलेगी तभी शुरु होगा असली सत्ता का कब्जाने का खेल वहीँ से शुरु होगी बी जे पी की असली यात्रा जो मतदाता के दरवाजे से शुरु होकर सांसद तक जाएगी | इस सत्ता परिवर्तन में बी जी पी को फायदा तो होगा सीटों में इजाफा भी होगा पर कहीं अति उत्सह में बी जी पी स्वयं खूंटे पर ना बैठ जाये |

Dev Singh Rawat

Dev Singh Rawat:

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Gmail - bablu ka lokpalbill - achoubey242@gmail.com

Gmail - bablu ka lokpalbill - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'कंग्रेस की जमानत जप्त होना बड़ी बात हे ,जमानत जप्त होने का साफ मतलब हे की अन्ना की अंधी चली हे क्योंकि अन्ना टीम ने खुल कर एलन किया था की जन्लोकपल बिल को लेकर कांगेस का रवैया ठीक नहीं हे अतः कांग्रेस को वोट ना दें, हिसार चुनाव के नतीजों ने काग्रेस को अन्दर से हिला दिया हे हिली हुई,काग्रेस की हेकड़ी कुछ इस तरह हे की अभी भी वो अन्ना का लोकपाल नहीं ला रहे हे वो तो राहुल बाबा के लोकसभा में दिए गए बयान पर काम कर रही हे राहुल ने कह था की लोकपाल चुनाव आयोग की तरह स्वतंत्र हो ओर उसे संविधानिक दर्जा हो संविधानिक दर्जा प्राप्ति के लिए काम से काम तीन चोथाई मत से पारित होना चाहिए जरुरी हे राहुल के इस जन्लोकपल पर अभी तो किसी ने कोई टिप्पणी नहीं आइ हे|
कांग्रेस अन्दर ही अन्दर इसी मकसद में लगी हे कांग्रेस ये तो समझ गई हे कि बिना लोकपाल वो चुनाव में उतर नहीं सकती ओर जन लोकपाल की क्रेडिट अन्ना को देना नही चाहती
सो राहुल बाबा कि मंशा के लोकपाल बिल पर वह गुपचुप तरीके से लगी हुई हे बबलू के लोकपाल बिल पर कांग्रेस में अभी तक तो आम सहमती हे ओर उसपर काम भी जोरो से चल रहा हे के मुद्दे पर जब कांग्रेसी प्रवक्ता से पूछो तो मुस्कराते हुए यही जबाब देते हे की अन्ना के बिल से भी सक्त ओर सवतंत्र बिल आयेगा |
बबलू के लिए कांग्रेस ये दावँ भी खेलेगी ये बात साफ हे की बिल सक्त ही होगा, काग्रेस इसे शीतकालीन सत्र में ही लायेगी भी पर पास करने का ठेका नहीं लेगी बिल पास करने में वो बिलकुल दिलचस्पी नहीं लेगी यदि पास होगया तो क्रेडिट जरुर पूरा लेगी उस वक्त अन्ना के पास कुछ कहने को नहीं होगा ये दावँ कांग्रेस जरुर खेलेगी तभी शुरु होगा असली सत्ता का कब्जाने का खेल वहीँ से शुरु होगी बी जे पी की असली यात्रा जो मतदाता के दरवाजे से शुरु होकर सांसद तक जाएगी | इस सत्ता परिवर्तन में बी जी पी को फायदा तो होगा सीटों में इजाफा भी होगा पर कहीं अति उत्सह में बी जी पी स्वयं खूंटे पर ना बैठ जाये |

Saturday, 15 October 2011

(20) Anil Choubey

(20) Anil Choubey:

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(20) Anil Choubey

(20) Anil Choubey:

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Gmail - anna ka eylan - achoubey242@gmail.com

Gmail - anna ka eylan - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'अन्ना जी का निर्णय सही हे >> संसद सर्वोच्च हे ,जन लोकपाल के चहेतों को शीत कालीन सत्र का इंतजार करना चाहिए | यदि इन नेताओं ने आपके मंसूबों का पालन नहीं किया तो आपके पास पूरा मोका हे इनकी बिना बेंड बारात निकल ने का| आप इस समय में रिजेक्ट ओर रिकाल का बटन दबाइए इस वक्त इन बाहुबली नेताओं की ये सबसे बड़ी कमजोर नाश हे | हर बड़ी पार्टी में इन बाहुबलियों कि अलग अहमियत हे ये अपने पेसे के बल पर ओर ,अपना बहुबल दिखा कर की सीभी तरह संसद में पहुच जाते हें| या वो गंदे कीड़े हें जो पहले किसी अयोग्य नेता के लिए , पार्टी के लदे हुए उम्मीदवार के लिए या फिर किसी नेता पुत्र के लिए वोट कबाड़ ते थे चतुर बाहुबली इसी तरह वोट कबाड़ कर संसद में रेल चला चुके हें वे ज्ञान गुरु भी बगाए |
अन्ना जी ,कांग्रेस मूर्खों की पार्टी नहीं हे, ये धूर्तों की पार्टी हे, ये आपके आन्दोलन को शांत करने के लिए लोकपाल बिल जरुर लाएगी चुनाव आयोग की तरह स्वतंत्र भी होगा, संविधानिक दर्जा भी प्रप्त होगा| ये बिल जरुर लायेंगे ये बात अलेहदा की उसे पास करने का ठेका कांग्रेस नहीं लेगी पास तो संसद में होना हे , भरी बहिस होना हे,सभी पार्टियों के मनसूबे साफ होनाहे, वोभी लाइफ टेलीकास्ट के साथ |इसलिए इस पर वक्त ख़राब करने का नहीं |
कांग्रेस अपने आप कहने लगी हे की रिकाल ओर रिजेक्ट पर भी विचार चल रहा हे मेरा मानना हे की इस कानून के आते ही लोकतात्र की असली कुंजी
उन वोटरों के पास आ जाएगी जो सोच समझ कर मत दान करते हें इस बटन के लागू होने से वोट पर्सन्टेज भी बढ़ जाये गा ओर किसी भी पार्टी का बाहुबली उम्मीदवार कितनी बार पैसा बहायेगा कितनी बार ,बहुबल का उपयोग करेगा,,ये कचरा धीरे धीरे अपने आप साफ हो जायेगा तब असली जन्तात्न्त्र का उदय होगा एसा मेरा मानना हे

Thursday, 13 October 2011

Gmail - [Sangvari] प्रशांत भूषण पर हमला निंदनीय है लेकिन ये कई सवालो... - achoubey242@gmail.com

Gmail - [Sangvari] प्रशांत भूषण पर हमला निंदनीय है लेकिन ये कई सवालो... - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'प्रशांत भूषण की पिटाई ठीक हई हे, ये मामला बोलने की आजादी की पराकाष्ठा का हे , बोलने की आजादी देते वक्त संविधान के रचेताओं ने सपने में भी नहीं सोचा होगा की बोलने की आजादी का इस तरह का उपयोग होगा |संविधान में बोल ने की आजादी पर भी एक सक्त आचार सहिंता होना चाहिए देश में जो बोलू किसिम के तत्व पये जाते हें उनको इस आचार सहिंता का सक्ति से पालन करवाना होगा| देश के प्रमुख बोलू में> नेता, पत्रकार ,अभिनेता, सामाजिक कायकर्ता, बकील, धर्मगुरु, एयं जी ओ के आलावा जो तथाकथित बुद्धिजीवी भी हें जो टी वी चेनलों पर रंगरोगन पोत कर लाइव कार्य कर्मो
में अपने जीवन के अनुभवों के अधार पार जो मुह आया बक रहे हें कुछ तो आंख बंद कर के बोलते रहते हें >>प्रमुख हें लालू ,जी

Wednesday, 12 October 2011

Gmail - bhusan kii pitai - achoubey242@gmail.com

Gmail - bhusan kii pitai - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'जमाना ख़राब हे इस वक्त मुझे गांघी के तीन बन्दर याद आ रहे हें |प्रसंत भूषण पर अटेक वो भी चेंबर के अन्दर बाकायदा देश भक्ति के नारों के साथ
ठुकाई की गई > देश तोड़ोगे तो सर तोड़ देंगे > गाँधी तेरे बंदरों का बुरा हे हल आजाद लोकतंत्र में बोलने की छुट का फायदा जिसे ही मुह बंद बन्दर ने मुह खोला कर उठाया पिटाई हो गई अन्ना के लीगल सलाहकार हें प्रशांत भूषण पुलिश ने रिपोर्ट दर्ज कर ली हे |ये तो अच्छा हुआ की पीटने वाले पकडे गए नहीं तो कांग्रेस को लेने के देने पड़ जाते

Shri L.K.Advani's Blog, The Journey Continues

Shri L.K.Advani's Blog, The Journey Continues:

'via Blog this'दिग्गी राजा ने संघ की वो चिठ्ठी जो अन्ना को लिखी गई थी को उजागर कर दिया हे आरोप भी लगा दिया हे की अन्ना संघ के मुखोटे हें कांग्रेस संघ से इतना डरता क्यों हे संघ ने तो अन्ना के आन्दोलन का समर्थन ही किया हे समर्थन तो पूरे देश ने किया हे कांग्रेसी नेताओं को छोड़ कर अन्ना के मुदे पर पूरा देश एक मत हे, फिर संघ के पात्र पर राजनीती क्यों, पत्र तो मनमोहन जी ने भी दिया हे |दरसल अन्ना के मामले में दिग्गी ,मनोज ,कपिल ,चिदंबरम ,राहुल पूरी तरह फेल रहे |दादा ने कमान सभाली डेमेज कंट्रोल किया जिसे पूरे देश ने देखाअन्ना के मामले में राहुल की किचिन केबनेट ने मुह की खाई, रही सही कसर उस भाषण ने पूरी कर दी जो उह्नोने संसद में पढ़ दिया,, पढ़ दिया का मतलब किसी ने लिख कर दिया ,,समय चक्र बदला अन्ना ने फिर गुड्की दी
कांग्रेस के हाथ पैर फूलने लगे संकट मोचन दादा तो अपने बोये बबूल के काटों से हे परेशान थे सो फिर से कत्थित प्रवक्ता बन गए मनमोहन जी के पत्र के पहले पत्र लिख दिया बयान दे दिया आज तो हद करदी संघ का पत्र प्रेस को देदिया आज अन्ना से लड़ने की ताकत इन घूसखोरों में हे? अन्ना से पंगा लेने की ताकत इन नेताओं में हे नहीं| जानते हुए भी दिग्गी के आत्मघाती कदम कहीं राहुल के सवप्न पर कांटे तो नहीं बिछा रहे हें

(23) Anil Choubey

(23) Anil Choubey:

'via Blog this'दिग्गी राजा ने संघ की वो चिठ्ठी जो अन्ना को लिखी गई थी को उजागर कर दिया हे आरोप भी लगा दिया हे की अन्ना संघ के मुखोटे हें कांग्रेस संघ से इतना डरता क्यों हे संघ ने तो अन्ना के आन्दोलन का समर्थन ही किया हे समर्थन तो पूरे देश ने किया हे कांग्रेसी नेताओं को छोड़ कर अन्ना के मुदे पर पूरा देश एक मत हे, फिर संघ के पात्र पर राजनीती क्यों, पत्र तो मनमोहन जी ने भी दिया हे |दरसल अन्ना के मामले में दिग्गी ,मनोज ,कपिल ,चिदंबरम ,राहुल पूरी तरह फेल रहे |दादा ने कमान सभाली डेमेज कंट्रोल किया जिसे पूरे देश ने देखाअन्ना के मामले में राहुल की किचिन केबनेट ने मुह की खाई, रही सही कसर उस भाषण ने पूरी कर दी जो उह्नोने संसद में पढ़ दिया,, पढ़ दिया का मतलब किसी ने लिख कर दिया ,,समय चक्र बदला अन्ना ने फिर गुड्की दी
कांग्रेस के हाथ पैर फूलने लगे संकट मोचन दादा तो अपने बोये बबूल के काटों से हे परेशान थे सो फिर से कत्थित प्रवक्ता बन गए मनमोहन जी के पत्र के पहले पत्र लिख दिया बयान दे दिया आज तो हद करदी संघ का पत्र प्रेस को देदिया आज अन्ना से लड़ने की ताकत इन घूसखोरों में हे? अन्ना से पंगा लेने की ताकत इन नेताओं में हे नहीं| जानते हुए भी दिग्गी के आत्मघाती कदम कहीं राहुल के सवप्न पर कांटे तो नहीं बिछा रहे हें

Tuesday, 11 October 2011

Yogesh Agrawal

Yogesh Agrawal:

'via Blog this'पूरे छत्तीसगढ़ की सड़कें हाय तोबा कर रही हें मंत्री को चुनाव लड़वाने से फुर्सत नही हे पी डब्लू डी के पास बजट का सबसे बड़ा फंड हे फिर भी सड़कें मुह बाये खडी हें मंत्री ने बयान दिया हे की अधिकांश सड़कें हाइवे की हें बाकी जो बची हें वे प्रधानमंत्री सडक योजना की हें सड़कों से पी डब्लू डी का कोई लेना देना नहीं हेजनता को ये बात कुछ हजम नहीं हई जब सडक इनके पास नहीं तो भरीभरकम बजट का क्या कर रहे हें अधिकारी प्रदेस के ताकतवर मंत्री की सोच कहा गम होगई जनता तो सड़कों पर चलने का टेक्स देती हे ओर अपेकछा करती हे की उसकी गाड़ीओर उसका सफर कष्टों में ना गुजरे
पर हकीकत कुछ ओर हे अडवानी जी की यात्रा को लेकर जो सबसे महत्व पूर्ण बात थी वह यही थी की पिथोरा से सरायपाली का सफ़र केसे कटेगा जहाँ सडक तो हे पर दिखाई नहीं देती |

Gmail - Inbox (67) - achoubey242@gmail.com

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कांग्रेस के दिन ठीक नहीं चल रहे हें अन्ना को कांग्रेस ने पत्र लिखकर कहा कि हम लोकपाल बिल आने वाले सत्र में लेकर आएंगे अन्ना को इंतजार करना चाहिए| प्रार्थना तो ठीक थी पर पत्र लिखने वाले कांग्रेस के दिग्गी राजा हें जिनका अन्ना से छत्तीस का आंकड़ा हे दोनों एक दूसरे को पागल तक बोल चुके हें, एसे हालत में दिग्गी का पत्र करेला वो भी नीम पर चढ़ा कि तरह ही काम करने वाला हे | मेरा मानना हे की जब प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश के सामने अन्ना को पात्र भेज कर वादा किया हे की शीत कालीन सत्र में वो सशक्त लोकपाल बिल लिकर आएंगे फिर दूसरे पत्र की क्या आवश्यकता
ये तो अन्ना को बहलाने जेसी बात हे |
आज हिसार के चुनाव प्रचार का आखरी दिन हे शाम होते हे सभाएं ओर , भोपू बंद हो जायेंगे अब घर घर जा कर ही प्रचार कर ने की बारी हे एसे में टीम अन्ना ने घर घर जाकर शेंध लागाली ली तो कांग्रेस को भरी मुह की खाना पड़ेगी वेसे तो काग्रेस ने अपने आप को इस चुनाव से दूरी बना राखी हे जनता पर छोड़ दिया हे की वह चुने या ना चुने
इस चुनाव के परिणाम देश की चुनावी धार को ओर मजबूत करेंगे टीम को अन्ना भी पता लगेगा की उनके कदम किस दिशा में उठ रहे हें
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Monday, 10 October 2011

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Aआखिर अडवाणी की यात्रा शुरु हो ही गई नरेंद्र मोदी .ना सही सुसील मोदी सही मोदी तो हे अडवाणी के साथ मोदी जुड़ा ही रहता हे| बड़े मोदी ने यात्रा का विरोध कर यह संदेस तो दे हे दिया था की बस बहुत होगयाअडवाणी थोडा तो सकते में तो आयेथे पर जल्दी संभल गए फ़ौरन नागपुर आये आशीर्वाद लिया ओर शपथ भी ली कि में प्रधानमंत्री की कुर्शी की ओर देखूगा भी नहीं शपथ काफी कठिन थी फिर भी ली
टीम अडवाणी ने यात्रा की तयारी शुरू कर दी| इस बीच बड़े मोदी के चोचलों के चर्चायों का दोर चलता रहा अडवानी ने बड़ी सहजता से मोदी को झेला यात्रा का आज प्रथम चरण हे दस बजे शुभ महूर्त पर यात्रा का शुभारम्भ हो गया हे
यात्रा का नाम जनचेतना यात्रा रखा गया हे जनचेतना के मायने भी बतलाये गए हें १ शुशासन २ साफ छवि ३ पारदर्शिता फीर भ्रष्टचार से मुक्ति>> आदी आदी बहुत से मायने हें इन सभी मायनो पर तो जनचेतना जगाना हे पर प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर देखना भी नहीं हे बड़ी मुसकिल में हें अडवाणी कुर्सी पर बेठने से पहले लगे करेंट से भयभीत हें एक बड़े टी वी चेनल ने तो हद ही कर दी उम्र की गिनती बतलाकर कह दिया अडवाणी का अंतिम समय हे इसके बाद वो कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पायेगें उधर मोहन बागवत ने चेता दिया हे की कुर्सी की ओर दिखना भी नहींहे इस सब के बाउजुद अडवाणी पूरी तन्मयता से गाजे बजे के साथ यात्रा को सफल बनाने में लगे हुए हें वाकई अडवाणी जी ओल्ड यंग मेन आर्मी हें बी जे पी के
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LK Advani's Blog

LK Adआखिर अडवाणी की यात्रा शुरु हो ही गई नरेंद्र मोदी .ना सही सुसील मोदी सही मोदी तो हे अडवाणी के साथ मोदी जुड़ा ही रहता हे| बड़े मोदी ने यात्रा का विरोध कर यह संदेस तो दे हे दिया था की बस बहुत होगयाअडवाणी थोडा तो सकते में तो आयेथे पर जल्दी संभल गए फ़ौरन नागपुर आये आशीर्वाद लिया ओर शपथ भी ली कि में प्रधानमंत्री की कुर्शी की ओर देखूगा भी नहीं शपथ काफी कठिन थी फिर भी ली
टीम अडवाणी ने यात्रा की तयारी शुरू कर दी| इस बीच बड़े मोदी के चोचलों के चर्चायों का दोर चलता रहा अडवानी ने बड़ी सहजता से मोदी को झेला यात्रा का आज प्रथम चरण हे दस बजे शुभ महूर्त पर यात्रा का शुभारम्भ हो गया हे
यात्रा का नाम जनचेतना यात्रा रखा गया हे जनचेतना के मायने भी बतलाये गए हें १ शुशासन २ साफ छवि ३ पारदर्शिता फीर भ्रष्टचार से मुक्ति>> आदी आदी बहुत से मायने हें इन सभी मायनो पर तो जनचेतना जगाना हे पर प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर देखना भी नहीं हे बड़ी मुसकिल में हें अडवाणी कुर्सी पर बेठने से पहले लगे करेंट से भयभीत हें एक बड़े टी वी चेनल ने तो हद ही कर दी उम्र की गिनती बतलाकर कह दिया अडवाणी का अंतिम समय हे इसके बाद वो कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पायेगें उधर मोहन बागवत ने चेता दिया हे की कुर्सी की ओर दिखना भी नहींहे इस सब के बाउजुद अडवाणी पूरी तन्मयता से गाजे बजे के साथ यात्रा को सफल बनाने में लगे हुए हें वाकई अडवाणी जी ओल्ड यंग मेन आर्मी हें बी जे पी के
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Blog of Hon'ble CM Gujarat, Shri Narendra Modi on Jan Chetana Yatra

Blog of आखिर अडवाणी की यात्रा शुरु हो ही गई नरेंद्र मोदी .ना सही सुसील मोदी सही मोदी तो हे अडवाणी के साथ मोदी जुड़ा ही रहता हे| बड़े मोदी ने यात्रा का विरोध कर यह संदेस तो दे हे दिया था की बस बहुत होगयाअडवाणी थोडा तो सकते में तो आयेथे पर जल्दी संभल गए फ़ौरन नागपुर आये आशीर्वाद लिया ओर शपथ भी ली कि में प्रधानमंत्री की कुर्शी की ओर देखूगा भी नहीं शपथ काफी कठिन थी फिर भी ली
टीम अडवाणी ने यात्रा की तयारी शुरू कर दी| इस बीच बड़े मोदी के चोचलों के चर्चायों का दोर चलता रहा अडवानी ने बड़ी सहजता से मोदी को झेला यात्रा का आज प्रथम चरण हे दस बजे शुभ महूर्त पर यात्रा का शुभारम्भ हो गया हे
यात्रा का नाम जनचेतना यात्रा रखा गया हे जनचेतना के मायने भी बतलाये गए हें १ शुशासन २ साफ छवि ३ पारदर्शिता फीर भ्रष्टचार से मुक्ति>> आदी आदी बहुत से मायने हें इन सभी मायनो पर तो जनचेतना जगाना हे पर प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर देखना भी नहीं हे बड़ी मुसकिल में हें अडवाणी कुर्सी पर बेठने से पहले लगे करेंट से भयभीत हें एक बड़े टी वी चेनल ने तो हद ही कर दी उम्र की गिनती बतलाकर कह दिया अडवाणी का अंतिम समय हे इसके बाद वो कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पायेगें उधर मोहन बागवत ने चेता दिया हे की कुर्सी की ओर दिखना भी नहींहे इस सब के बाउजुद अडवाणी पूरी तन्मयता से गाजे बजे के साथ यात्रा को सफल बनाने में लगे हुए हें वाकई अडवाणी जी ओल्ड यंग मेन आर्मी हें बी जे पी के
Hon'ble CM Gujarat, Shri Narendra Modi on Jan Chetana Yatra

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'via Blog this'आखिर अडवाणी की यात्रा शुरु हो ही गई नरेंद्र मोदी .ना सही सुसील मोदी सही मोदी तो हे अडवाणी के साथ मोदी जुड़ा ही रहता हे| बड़े मोदी ने यात्रा का विरोध कर यह संदेस तो दे हे दिया था की बस बहुत होगयाअडवाणी थोडा तो सकते में तो आयेथे पर जल्दी संभल गए फ़ौरन नागपुर आये आशीर्वाद लिया ओर शपथ भी ली कि में प्रधानमंत्री की कुर्शी की ओर देखूगा भी नहीं शपथ काफी कठिन थी फिर भी ली
टीम अडवाणी ने यात्रा की तयारी शुरू कर दी| इस बीच बड़े मोदी के चोचलों के चर्चायों का दोर चलता रहा अडवानी ने बड़ी सहजता से मोदी को झेला यात्रा का आज प्रथम चरण हे दस बजे शुभ महूर्त पर यात्रा का शुभारम्भ हो गया हे
यात्रा का नाम जनचेतना यात्रा रखा गया हे जनचेतना के मायने भी बतलाये गए हें १ शुशासन २ साफ छवि ३ पारदर्शिता फीर भ्रष्टचार से मुक्ति>> आदी आदी बहुत से मायने हें इन सभी मायनो पर तो जनचेतना जगाना हे पर प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर देखना भी नहीं हे बड़ी मुसकिल में हें अडवाणी कुर्सी पर बेठने से पहले लगे करेंट से भयभीत हें एक बड़े टी वी चेनल ने तो हद ही कर दी उम्र की गिनती बतलाकर कह दिया अडवाणी का अंतिम समय हे इसके बाद वो कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पायेगें उधर मोहन बागवत ने चेता दिया हे की कुर्सी की ओर दिखना भी नहींहे इस सब के बाउजुद अडवाणी पूरी तन्मयता से गाजे बजे के साथ यात्रा को सफल बनाने में लगे हुए हें वाकई अडवाणी जी ओल्ड यंग मेन आर्मी हें बी जे पी के

Gujarat HC gives split verdict on Lokayukta appointment

Gujarat HC gives split verdict on Lokayukta appointment:

'via Blog this'लोकायुक्त >>>> के मामले में जो कहा गया हे वह ठीक हे, आठ वर्ष का समय काफी लम्बा समय होता हे संविधानिक पद के रिक्त होने का, इस मामले में सरकार संदेह के दायरे ने आ ही जाती हे मोदी इस मामले में पिछड़ गए ,आइ पी एस अधिकारी के मामले में भी मोदी जादा दिन टिक नहीं पाएंगे कानून ठोस शाबूत मागेगा ओर जाँच एजेंशिया शाबूत दे नहीं पाएंगी जिस आरोप में सस्पेंड किया हे वह डी ई के स्तर का मामला हे एक एसे कनिष्ट अधिकारी कि रिपोर्ट पर अपराध दर्ज हुआ हे जो कहता हे कि दबाव में शपथपत्र दिया था ताजुब हे पढ़ा लिखा अधिकारी दबाब में शपथ पत्र जरी कर देता हे ?क्या आज भी उसपर भरोषा किया जा सकता हे कि वह आज दबाब में ना हो कल फिर कह दे की दबाब में था
राम भक्त मोदी जी के उपवास में कहीं चूक होगई हे या फिर किसी कि नजर लग गई हे उपवास कि घोषणाके साथ ही तमाम तरह के विवाद सिर उठाने लगे ओर मोदी जी उपवास पर उपवास करते रहे दिल्ली ना जाने परभी विवादों में घिरे| मोदी कि हालत इन देनो कुछ एसी हे कि >>>> अंदाज अपने आईने में देखते हें वो ओर ये भी देखते हें कोई देखता ना हो

Gmail - Inbox (62) - achoubey242@gmail.com

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'via Blog this'वो कागज कि कसती वो बारिस का पानी , भू लाये नहीं भूल सकता हे कोई वो कागज की कसती वो ....

(23) Anil Choubey

(23) Anil Choubey:

'via Blog this'आशा राम बापू ने मथुरा की अपनी धर्मशभा में कहा हे की बबलू पधानमंत्री बनने का स्वप्न देख रहा हे बबलू से उनका मतलब राहुल से था बापू राहुल से क्यों नाराज हें ये ओर बात हे लेकिन कांग्रेस को पलीता लगाने में हार कोई अपने अपने स्तर पा लगा हे आसा राम दे तो रहे थे प्रवचन पर अचानक देश कि दुर्दसा पर रोने लगे और काग्रेस को कोषते हुए वो जादुई खम्बे को सहलाते हुए कई बार दोहराया गए कि बबलू प्रधानमंत्री बनेगा
अचानक इस तरह से आशा राम को खम्बा सहलाते हुए देख पंडाल में बेठे बाबा के चेले अचंभित हो उठे| आशाराम ने भरी सभा में राहुल को बबलू कह कर यह सन्देश तो दे ही दिया कि बच्चू दिल्ली अभी दूर हे कांग्रेस कई अधिक्रत प्रक्रिया तो अभी आई नहीं पर यू पी कांग्रेस के नेताओं ने इसे बबलू के लिए बाबा का आशीर्वादही कहा हे, कंग्रेसिओं का कहना हे कि बाबा को कला जादू आता हे बाबा जो बोलता हे वह सच होता हे इसलिए बाबा चाहे राहुल को बाबुल बोले , पप्पू बोले, मुन्ना बोले ,ये बाबा का आशीर्वाद हे बाबा ने जादुई खम्बे को सहला कर कहा तो पक्का बबलू प्रधानमंत्री बनेगा
आशा राम ने किस उदेश्य से बबलू कहा ये तो वो खुद ही बतला सकते हें पर इस वक्त बाबा के दोनों हाथों में लाडू हे बबलू बन गया तो कला जादू चलगया नहीं बना तोभी कलाजादु चल गया

Saturday, 8 October 2011

Gmail - Drafts (27) - achoubey242@gmail.com

अन्ना हरियाणा के चुनाव में थर्डअम्पायर की भूमिका में कूद पड़े हें,, केजरीवाल की रेली ने आगाज कर दियाहे| मेरा मानना हे कि करेप्सन आगेस्ट इंडिया का यह आत्मघाती कदम हे चुनाव में इस तरह खुलकर सिरकत करना ओर सता रूढ़ दल के विरोध में प्रचार करना अन्ना की टीम को अभी शोभा नहीं देता ये जल्दवाजी हेअन्ना को शीत कालीन शत्र का इंतजार करना चाहिए था | जग जाहिर हे की अन्ना की टीम में केजरीवाल अपनी भूमिका को लेकर हमेशा चर्चा में रहे हेंएसा लगता हे केजरीवाल बहुत जल्दी में हें कहते हें की जब कोई काम जल्दबाजी में किया जाता हे तो उस कर्य की सफलता ओर असफलता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता हे केजरीवाल का यह कदम अन्ना की मुठी खोल देगा ओर इसका सीधा असर लोकपाल पर पड़ेगा केजरीवाल भूल रहे हें की उनका पला किन लोगों से पड़ने वाला हे अन्ना टीम सिर्फ चुनाव आयोग से शिकायते करते रह जाएँगी ओर चुनाव हो जायेगे |
अन्ना को इस वक्त राईट तो रिकाल ओर रिजेक्ट का मुदा पकड़ केजरीवाल ओर उनके साथियों को इस काम पर लगादेना चाहिए ओर इस मुद्दे पर जनमत संग्रह को लेकर चंडीगढ़ में अपनी ताकत का अंदाजा खुद को ओर दूसरों को भी लगने देना चाहिए|देश का चंडीगढ़ एक एसा प्रदेश हे जहाँ अधिकांश दो नंबर के पेसे वाले ही रहते हें |नकार्खाने में तूती केसे बोलेगी एय यो चुनाव के नतीजे ही बतलाएगें

Friday, 7 October 2011

(16) Anil Choubey

सुबह करीब दस बजे, बी र ओ की मजबूत सड़क जो की जगदालपुर से दंतेवाडा को जोडती हे उसपर नव रात्रि के समय बारूदी सुरंग से विस्फोट कर जवानों को शहीद करना हिम्मत का काम हे | बस्तर में नक्सली गतिविधियाँ चरम पर हें इसके बाद भी यह मार्ग सेफ था पूरे बस्तर में शाम के बाद इसी मर्ग पर जीवन दिखाई पड़ता था इस घटना के बाद अब यह मार्ग भी सेफ नहीं रहा |
यहाँ यह बतलाना जरुरी हे की इस मार्ग को बी र ओ पिछले बीस वर्षों से बना रहा हे नक्सली इस मार्ग को मार्ग बनाने नहीं देते करोड़ों रुपयों की सम्पति बी र ओ की जल कर खाक हो गई हे इतनी कठनाई तो बोडार पर सड़क बनाने में नहीं आइ जितना यहाँ पर हे बी र ओ का कहना हे यहाँ नक्सलियों ने नाक में दम कर रखा हें दिन में मजदूर बन कर काम करते हे ओर रात को नक्सली हो जा ते हें करोड़ों के> ट्रक,, डम्फर ,,सड़क बनाने की भरी मशीनों को आग के हवाले का दे ते हें | किस को पकड़ें किस को मुजरिम बनाय समझ से परे हे |
नक्सलवाद विकास के खिलाप हे वह नहीं चाहता की कोई उनकी इजाजत के बगेर बस्तर में घुमे ओर उनके व्यापर को देखे समझे ओर दखल दे नक्सली बस्तर की संपदा का भरपूर दोहन कर अपनी ताकत बढा रहे हें |दहसत फेला कर थोड़े से गोला बारूद का विष्फोट करने में यदि एक हजार करोड़ से भी अधिक का बिजनेस बिना पूंजी के हो रहा तो क्या बुरा हे इस व्यापर में कुछ आदिवासी दलम के सदस्य मर भी जाते हें तो क्या| दहशत के इस बिजनिस में स्थानीय नेटवर्क के साथ साथ नक्सलियों की आन्ध्र के व्यापारियों से भी तगड़ी पेक्ट हे| तेदु पत्ता ओर वन उपज से जोड़े तारों की जाच होना चाहिए
व्यापारिक नेटवर्क टूट ते ही बोरयेगें ओर फिर भाग ने की कोशिस करेगे | उदयन्ती की पहाड़ियों पर जहाँ बहुमूल्य हीरा दफ़न हे यदि ये काबिज हो गए तो भगवन ही मालिक हे छत्तीसगढ़ का