'via Blog this'दिग्गी राजा ने संघ की वो चिठ्ठी जो अन्ना को लिखी गई थी को उजागर कर दिया हे आरोप भी लगा दिया हे की अन्ना संघ के मुखोटे हें कांग्रेस संघ से इतना डरता क्यों हे संघ ने तो अन्ना के आन्दोलन का समर्थन ही किया हे समर्थन तो पूरे देश ने किया हे कांग्रेसी नेताओं को छोड़ कर अन्ना के मुदे पर पूरा देश एक मत हे, फिर संघ के पात्र पर राजनीती क्यों, पत्र तो मनमोहन जी ने भी दिया हे |दरसल अन्ना के मामले में दिग्गी ,मनोज ,कपिल ,चिदंबरम ,राहुल पूरी तरह फेल रहे |दादा ने कमान सभाली डेमेज कंट्रोल किया जिसे पूरे देश ने देखाअन्ना के मामले में राहुल की किचिन केबनेट ने मुह की खाई, रही सही कसर उस भाषण ने पूरी कर दी जो उह्नोने संसद में पढ़ दिया,, पढ़ दिया का मतलब किसी ने लिख कर दिया ,,समय चक्र बदला अन्ना ने फिर गुड्की दी
कांग्रेस के हाथ पैर फूलने लगे संकट मोचन दादा तो अपने बोये बबूल के काटों से हे परेशान थे सो फिर से कत्थित प्रवक्ता बन गए मनमोहन जी के पत्र के पहले पत्र लिख दिया बयान दे दिया आज तो हद करदी संघ का पत्र प्रेस को देदिया आज अन्ना से लड़ने की ताकत इन घूसखोरों में हे? अन्ना से पंगा लेने की ताकत इन नेताओं में हे नहीं| जानते हुए भी दिग्गी के आत्मघाती कदम कहीं राहुल के सवप्न पर कांटे तो नहीं बिछा रहे हें
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