Wednesday, 24 April 2013

सत्य देव के बयान  से में अल्प  सहमत हूँ । सत्य देव  तिरछी नजर की उमर सरकार  ने ते कर दी हे हेवानीयत  तो ये हे की जो  अबोध बच्चियों के साथ  हो रहा हे वह अक्षम्य हे यह हरकत  कोढीत समाज का ढांचा हे और हम और आप उसी ढांचे में जिन्दा हे जब महिलायं बराबरी का दर्ज चाहती हे तो उन्हें भी यह सोचना  पड़ेगा की उनकी और से 
भी इसतरह की घटनाएँ न हों के लिए क्या रचनात्मक पहल की हे मेरा मानना  हे की  दुनिया भर में जो परिधान फीमेल उपोयोग कर रही हे उनमे अन्ग प्रदर्शन के अलावा और कुछ नहीं इसमें भी  कोई शक नहीं  की ये क्यों किया जा रहा हे पूरुष इन परिधानों में लिपटी कायों को सर्फ और सर्फ उसी नजर से दिखेगा।  इस तरह के विकृत  समाज में कड़ी सजा ही एसा डर  हे जो आजाद महिलाओं की  इसतरह की आजादी को सूरक्षित कर पायेगा 

Tuesday, 16 April 2013

विध्या चरण ने कहा हे की विकिलिस गप मार रहा हे बात बिल कुल ठीक हे विध्या जी पर उस नारे का क्या करें जो अपने दिया था >>.. आप ने कहा था की>>>> बुफोर्स के दलालों को जूता मरो सालों को >>>>इस का क्या उस वक्त तो आप इसी नारे के बल पर चुनाव जीत गए थे आब क्या हुआ की ये सब झूट लगने लगा हे इसी तरह के निर्णयों के कारण आप कांग्रेस की प्रथम पांति से अंतिम पांति पर आ गए हें