सत्य देव के बयान से में अल्प सहमत हूँ । सत्य देव तिरछी नजर की उमर सरकार ने ते कर दी हे हेवानीयत तो ये हे की जो अबोध बच्चियों के साथ हो रहा हे वह अक्षम्य हे यह हरकत कोढीत समाज का ढांचा हे और हम और आप उसी ढांचे में जिन्दा हे जब महिलायं बराबरी का दर्ज चाहती हे तो उन्हें भी यह सोचना पड़ेगा की उनकी और से
भी इसतरह की घटनाएँ न हों के लिए क्या रचनात्मक पहल की हे मेरा मानना हे की दुनिया भर में जो परिधान फीमेल उपोयोग कर रही हे उनमे अन्ग प्रदर्शन के अलावा और कुछ नहीं इसमें भी कोई शक नहीं की ये क्यों किया जा रहा हे पूरुष इन परिधानों में लिपटी कायों को सर्फ और सर्फ उसी नजर से दिखेगा। इस तरह के विकृत समाज में कड़ी सजा ही एसा डर हे जो आजाद महिलाओं की इसतरह की आजादी को सूरक्षित कर पायेगा
भी इसतरह की घटनाएँ न हों के लिए क्या रचनात्मक पहल की हे मेरा मानना हे की दुनिया भर में जो परिधान फीमेल उपोयोग कर रही हे उनमे अन्ग प्रदर्शन के अलावा और कुछ नहीं इसमें भी कोई शक नहीं की ये क्यों किया जा रहा हे पूरुष इन परिधानों में लिपटी कायों को सर्फ और सर्फ उसी नजर से दिखेगा। इस तरह के विकृत समाज में कड़ी सजा ही एसा डर हे जो आजाद महिलाओं की इसतरह की आजादी को सूरक्षित कर पायेगा