eagle: eagle: Inbox (10) - achoubey242@gmail.com - Gmail: eagle: Inbox (10) - achoubey242@gmail.com - Gmail : Inb Mizoram faced storm and thundershower in the wee hours of Saturday, 11.5.1013. Several houses have been damaged in various parts of the State. The main tragedy occurred in the middle of the State Capital, Aizawl where, due to heavy rain and strong storm, landslide destroyed 12 residential houses including State PWD building at Laipuitlang and Ramhlun Venglai. Till the afternoon on 12th May, 11 bodies have been recovered, 3 more are being taken out of the debris, 6 persons were feared missing, several survivors are hospitalised and 17 vehicles smashed. Disaster Response Group of the State Govt. and local NGOs are working round the clock.State Ministers are also on round the clock duty, just in case. The details of destructions in other parts of the State, including those in the State Capital of Aizawl, are yet to be gathered. The Chief Minister, Lalthanhawla, has granted Rs.25 lakhs for Aizawl district, Rs.20 lakhs for Lunglei District and Rs.10 lakhs for each of the remaining 6 Districts as an emergency measure.
Sources disclosed that the collapse of State PWD building, at the highest point of occurrence at Laipuitlang was the main cause landslide
pushing the remaining residential buildings down the slopes. Sources said that this State PWD building was already declared unfit for occupation a couple of years ago, but PWD failed to dismantle it. Chief Minister, Lalthanhawla, is PWD Minister also.
Sources disclosed also that strong storms and heavy rains ravaged parts of Kolasib and Mamit Districts on 1st May night damaging more than 100 houses and, also on wee hours of Tuesday, 7th May, damaging about 300 houses in the State. Heavy rains caused landslides at different parts of the State, dislocating transport and normal life.
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Sunday, 12 May 2013
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Monday, 6 May 2013
Wednesday, 24 April 2013
सत्य देव के बयान से में अल्प सहमत हूँ । सत्य देव तिरछी नजर की उमर सरकार ने ते कर दी हे हेवानीयत तो ये हे की जो अबोध बच्चियों के साथ हो रहा हे वह अक्षम्य हे यह हरकत कोढीत समाज का ढांचा हे और हम और आप उसी ढांचे में जिन्दा हे जब महिलायं बराबरी का दर्ज चाहती हे तो उन्हें भी यह सोचना पड़ेगा की उनकी और से
भी इसतरह की घटनाएँ न हों के लिए क्या रचनात्मक पहल की हे मेरा मानना हे की दुनिया भर में जो परिधान फीमेल उपोयोग कर रही हे उनमे अन्ग प्रदर्शन के अलावा और कुछ नहीं इसमें भी कोई शक नहीं की ये क्यों किया जा रहा हे पूरुष इन परिधानों में लिपटी कायों को सर्फ और सर्फ उसी नजर से दिखेगा। इस तरह के विकृत समाज में कड़ी सजा ही एसा डर हे जो आजाद महिलाओं की इसतरह की आजादी को सूरक्षित कर पायेगा
भी इसतरह की घटनाएँ न हों के लिए क्या रचनात्मक पहल की हे मेरा मानना हे की दुनिया भर में जो परिधान फीमेल उपोयोग कर रही हे उनमे अन्ग प्रदर्शन के अलावा और कुछ नहीं इसमें भी कोई शक नहीं की ये क्यों किया जा रहा हे पूरुष इन परिधानों में लिपटी कायों को सर्फ और सर्फ उसी नजर से दिखेगा। इस तरह के विकृत समाज में कड़ी सजा ही एसा डर हे जो आजाद महिलाओं की इसतरह की आजादी को सूरक्षित कर पायेगा
Tuesday, 16 April 2013
विध्या चरण ने कहा हे की विकिलिस गप मार रहा हे बात बिल कुल ठीक हे विध्या जी पर उस नारे का क्या करें जो अपने दिया था >>.. आप ने कहा था की>>>> बुफोर्स के दलालों को जूता मरो सालों को >>>>इस का क्या उस वक्त तो आप इसी नारे के बल पर चुनाव जीत गए थे आब क्या हुआ की ये सब झूट लगने लगा हे इसी तरह के निर्णयों के कारण आप कांग्रेस की प्रथम पांति से अंतिम पांति पर आ गए हें
Tuesday, 5 March 2013
बालको खनन घुटाला >>>>>>>>>>>>>>>>>> लूट करोड़ों में जुर्माना रुपैया > यह बात किसी से छुपी नहीं हे की बालको के नाम पर वेदांत खुलकर मनमानी कर रहा हे एनडीए के ज़माने में बेच गए बालको कम्पनी और वेदांत में अभी अभी अधिपत्य की लड़ाई जरी हे वेदांत को जंहा फायदा लेना हे तो वह वंहा बालको बन जाता हे जंहा वेदांत से फायदा लेना हे वंहा वेदांत हो जाता हे तो कुल मिला कर वेदांत के दोनों हाथों में लड्डू हे वेदांत ने पांच सो करोड़ में सो मेगावाट ताप विधुत संयंत्र सहित भारत एलुमिनियम की सब से मार्डन इकाई बालको का अधिगर्हन किया था और फिर अपने पैर पसारना शुरू किये डिशइनवेस्टमेंट के नाम पर उस समय का यह भी बड़ा घुटाला हे एनडीए के इस घुटाले के जाहिर होते हे सूचि बाध्य बाकि के उपकर्म बिकने से बच गए और इण्डिया स्यनिग का अस्त होगया यूपीए का जन्म हुआ तभी से विदंता विवादों की लड़ाई लड़ रहा हे वेदांत व्यापारी हे उसे लगा की बिन मांगे दो कम्पनिया हमारे हाथ में हे दोनों का दोनों हाथो से दोहन करो । अकबर ने प्रश्न किया की अविध खनन पर सरकार ने क्या किया सरकार ने कहा की बीस बार बतला दिया हे की बीस हजार का जुमाना वसूल लिया हे अब विदंता को सजा मिल चुकी हे एक जुर्म की दो दो सजा तो हो नहीं सकती मतलब मामले को कोलोज कर दिया हे और साथ में यह भी समझा दिया की किलोजर डक्कन आपके पास भी पूरी जानकारी के साथ पंहुचा दिया जायेगा आपको पता नहीं किलोजर डक्कन का बजन बहुत भारी हे अछे अच्छों की आवाज या तो बंद हो जाती हे या घुट जाती हे किलोजर का डक्कन आपके पास भी पंहुचा दिया जायेगा इसी तरह के खनिज घुटाले उड़ीसा में कर्णाटक में हुए हें उनमे मेजर अनिमित यही हे की खन्ना कंपनिओं ने माइनिंग पिलान से अधिक खन्न किया और जो खनिज नियम १ ९ ६ ४ का उल्लघन हे और खन्न पर रोक लगा दी वह रोक अभी भी लगी हे इस मामले में अकबर का जो कहना हे की सरकार दोषिओं को बचा रही रही हे अब दोषी कोन सरकारी अधिकारी या वेदान्त यहं मिलीजुली कुस्ती किसकी सब जानते हें ये बात तो पक्की हे की खनिज की लूट तो हुई हे दी गई सजा से कई गुनी हुई हे तो गुनाहगार कोन ???????????????????????? जय हिन्द
Tuesday, 30 October 2012
य़ू पी ए की जिस नाव में पांच लाख करोड़ छेद हों उस नाव के खिवैया हें राहुल भैया मनमोहन जी को जो नाव सोनिया जी ने सोंपी थी उसमे आठ वर्षों में करीब पाच लाख करोड़ के घपलों के एसे छेद हे जिन्हें भरना राहुल के बूते का नहीं हे इस डूबती नैया के खिवैया राहुल बन तो गए हें उन्होंने कुछ बड़े छेदों को भरने की कोशिस भी की हे नाव में कुछ बड़े पम्प भी लगाये हे जिनके दुवारा भ्रष्टाचारी कीचड़ फेकने की कोशिस की जाएगी पर क्या कॉमन वेल्थ का बड़ा छेद , टू जी का छेद , ,कोलगेट का छेद ,और सबसे बड़ा पंचर जो रबाट ने किया हे उसको केसे जनता के मानस पटल से अलग कर पाएंगे
दस बारह नए मझिओं को लेकर नाव सुधरने का ठेका तो उन्होंने लेलिया हे पर कप्तान तो अभीभी वाही पुराना ही हे जिसे न तो चलने का ज्ञान हे ना हीं सुधार ने का देश और विदेशों में मनमोहन जी की जो छवि हे वह किसे से छुपी नहीं हे जीवन में उन्होंने कभी चुनाव लड़ा नहीं जनता की नवस वो जानते नहीं लोकतंत्र के अर्थशास्त्र का ज्ञान ही नही हे उनकी अर्थ नीतिओं से सर्फ और सर्फ चंद लोगों को ही फायदा मिला हे उनके अर्थतंत्र से आम जनता में तरही ही मची हुई हे जिन्हें फायदा मिला हे वो हें उद्योग पति ,जमाखोर ,कालाबाजारी, नोकरशाह, नेता मंत्री और उनके रिश्तेदारों ने जो लुट मचाई हे वह तो एताहासिक जिसे जंहा जगह मिली वहीँ मुह् मारा चाहे वाड्रा हों याफिर खुर्सिद या रजा हों या कलमाड़ी कोलगेट में तो खुद मनमोहन जी भी पीछे नहीं रहे जिंदल हों संचेती सभी ने भ्रष्टाचार की बहती जमुना में हाथ ही नहीं पूरा स्नान किया हे
नवंबर में राहुल कांग्रेस के दुसरे बड़े नेता होंगे बांहे चढ़ा कर जब वो भाषण देंगे तो कोल गेट पर क्या कहेंगे मनमोहन तो गयो अब हमारी बारी हे राबर्ट को माफ़ करो देश के बहनोई हें हम आम आदमी की बात करते हें जनता पूछेगी की किस आम आदमी की बात करते हें जिसके पास चूल्हा जलने केलिए गेस नहीं, गाड़ी चलने के लिए डीजल पेट्रोल नहीं , बजली का बिल भरने की ताकत नहीं किस विकास की बात करते हें और किसके विकास की जिंदल के विकास की अंबानी के विकास की या नेता और उनके रिश्तेदारों के विकास की विकास की यह परिभाषा अब शायद जनता समझ गई हे राहुल जी बड़ी कठिन डगर हे इस पनघट की>>>>>>>>> जय हिन्द
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