य़ू पी ए की जिस नाव में पांच लाख करोड़ छेद हों उस नाव के खिवैया हें राहुल भैया मनमोहन जी को जो नाव सोनिया जी ने सोंपी थी उसमे आठ वर्षों में करीब पाच लाख करोड़ के घपलों के एसे छेद हे जिन्हें भरना राहुल के बूते का नहीं हे इस डूबती नैया के खिवैया राहुल बन तो गए हें उन्होंने कुछ बड़े छेदों को भरने की कोशिस भी की हे नाव में कुछ बड़े पम्प भी लगाये हे जिनके दुवारा भ्रष्टाचारी कीचड़ फेकने की कोशिस की जाएगी पर क्या कॉमन वेल्थ का बड़ा छेद , टू जी का छेद , ,कोलगेट का छेद ,और सबसे बड़ा पंचर जो रबाट ने किया हे उसको केसे जनता के मानस पटल से अलग कर पाएंगे
दस बारह नए मझिओं को लेकर नाव सुधरने का ठेका तो उन्होंने लेलिया हे पर कप्तान तो अभीभी वाही पुराना ही हे जिसे न तो चलने का ज्ञान हे ना हीं सुधार ने का देश और विदेशों में मनमोहन जी की जो छवि हे वह किसे से छुपी नहीं हे जीवन में उन्होंने कभी चुनाव लड़ा नहीं जनता की नवस वो जानते नहीं लोकतंत्र के अर्थशास्त्र का ज्ञान ही नही हे उनकी अर्थ नीतिओं से सर्फ और सर्फ चंद लोगों को ही फायदा मिला हे उनके अर्थतंत्र से आम जनता में तरही ही मची हुई हे जिन्हें फायदा मिला हे वो हें उद्योग पति ,जमाखोर ,कालाबाजारी, नोकरशाह, नेता मंत्री और उनके रिश्तेदारों ने जो लुट मचाई हे वह तो एताहासिक जिसे जंहा जगह मिली वहीँ मुह् मारा चाहे वाड्रा हों याफिर खुर्सिद या रजा हों या कलमाड़ी कोलगेट में तो खुद मनमोहन जी भी पीछे नहीं रहे जिंदल हों संचेती सभी ने भ्रष्टाचार की बहती जमुना में हाथ ही नहीं पूरा स्नान किया हे
नवंबर में राहुल कांग्रेस के दुसरे बड़े नेता होंगे बांहे चढ़ा कर जब वो भाषण देंगे तो कोल गेट पर क्या कहेंगे मनमोहन तो गयो अब हमारी बारी हे राबर्ट को माफ़ करो देश के बहनोई हें हम आम आदमी की बात करते हें जनता पूछेगी की किस आम आदमी की बात करते हें जिसके पास चूल्हा जलने केलिए गेस नहीं, गाड़ी चलने के लिए डीजल पेट्रोल नहीं , बजली का बिल भरने की ताकत नहीं किस विकास की बात करते हें और किसके विकास की जिंदल के विकास की अंबानी के विकास की या नेता और उनके रिश्तेदारों के विकास की विकास की यह परिभाषा अब शायद जनता समझ गई हे राहुल जी बड़ी कठिन डगर हे इस पनघट की>>>>>>>>> जय हिन्द
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