Friday, 7 October 2011

(16) Anil Choubey

सुबह करीब दस बजे, बी र ओ की मजबूत सड़क जो की जगदालपुर से दंतेवाडा को जोडती हे उसपर नव रात्रि के समय बारूदी सुरंग से विस्फोट कर जवानों को शहीद करना हिम्मत का काम हे | बस्तर में नक्सली गतिविधियाँ चरम पर हें इसके बाद भी यह मार्ग सेफ था पूरे बस्तर में शाम के बाद इसी मर्ग पर जीवन दिखाई पड़ता था इस घटना के बाद अब यह मार्ग भी सेफ नहीं रहा |
यहाँ यह बतलाना जरुरी हे की इस मार्ग को बी र ओ पिछले बीस वर्षों से बना रहा हे नक्सली इस मार्ग को मार्ग बनाने नहीं देते करोड़ों रुपयों की सम्पति बी र ओ की जल कर खाक हो गई हे इतनी कठनाई तो बोडार पर सड़क बनाने में नहीं आइ जितना यहाँ पर हे बी र ओ का कहना हे यहाँ नक्सलियों ने नाक में दम कर रखा हें दिन में मजदूर बन कर काम करते हे ओर रात को नक्सली हो जा ते हें करोड़ों के> ट्रक,, डम्फर ,,सड़क बनाने की भरी मशीनों को आग के हवाले का दे ते हें | किस को पकड़ें किस को मुजरिम बनाय समझ से परे हे |
नक्सलवाद विकास के खिलाप हे वह नहीं चाहता की कोई उनकी इजाजत के बगेर बस्तर में घुमे ओर उनके व्यापर को देखे समझे ओर दखल दे नक्सली बस्तर की संपदा का भरपूर दोहन कर अपनी ताकत बढा रहे हें |दहसत फेला कर थोड़े से गोला बारूद का विष्फोट करने में यदि एक हजार करोड़ से भी अधिक का बिजनेस बिना पूंजी के हो रहा तो क्या बुरा हे इस व्यापर में कुछ आदिवासी दलम के सदस्य मर भी जाते हें तो क्या| दहशत के इस बिजनिस में स्थानीय नेटवर्क के साथ साथ नक्सलियों की आन्ध्र के व्यापारियों से भी तगड़ी पेक्ट हे| तेदु पत्ता ओर वन उपज से जोड़े तारों की जाच होना चाहिए
व्यापारिक नेटवर्क टूट ते ही बोरयेगें ओर फिर भाग ने की कोशिस करेगे | उदयन्ती की पहाड़ियों पर जहाँ बहुमूल्य हीरा दफ़न हे यदि ये काबिज हो गए तो भगवन ही मालिक हे छत्तीसगढ़ का

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