Tuesday, 24 January 2012

Gmail - Inbox (11) - achoubey242@gmail.com

Gmail - Inbox (11) - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'

1 comment:

  1. पाँच राज्यों के चुनाव >>>>>बर्फ में पसीना ना दिखा ना सुना था ,मुझे याद हे की मजदूर का पसीना तो मेने सुना देखा भी था , सेठ की हसीना का गुस्सा ओर ठण्ड में कांपता ड्राइवर उसके चेहरे पर पसीने की बुँदे तो देखीं थी पर बर्फ में पसीना नहीं देखा था नहींही सुना था पर यह सच यह हे की उतराखंड में नेताओं को बर्फ में पसीना आ रहा हे हमारे परचित नेता जी से जब हमने पूछा कि वंहा ठण्ड बहुत हे तो वो छूटे ही बोले यहाँ नेताओं को बर्फ में पसीना आ रहा हे चुनाव तीन गुना महंगा हो गया हे वोटरों की डिमांड बढ़ गई हे कार्य करता अब पौआ कि जगह बोतल मांग रहे हें वोटर एक नहीं तीन- तीन कम्बल की मांग कररहे इस पर भी वोट की कोई गेरेंटी नहीं बड़ा बुरा हल हे नेताओं का | नेता तो सभा स्थल पर पहुँच रहे हें पर सुनने वाले गायब हें भीड़ ना देख नेताओं को बर्फ में पसीना आ रहा हे राज्य में जिनकी सरकारें हे उह्नोने गुप्त संदेस के जरिये नचले स्तर के कर्मियों को भीड़ जुटाने की जुमेदारी सोंपी हे ताजुब हे की वो भी भीड़ जुटाने में कामयाब नही हुए हें इस झटके से सरकारी नेताओं को भी बर्फ में पसीना आ रहा हे |
    उत्तराखंड इस वक्त भरी बर्फबारी से ढाका हे एसे में छत्तेसगढ के जो नेता चुनाव अभियान में उत्तराखंड में डेट हें उनकी हालत देखने लायक हे शारीर से जादा वजन के कपडे लादकर भी वो ठण्ड का मुकाबला नहीं कर पा रहे हें सबसे अधिक दिक्कत में आर एस एस के कार्यकरता हे सादगी से जीवन बिताने के सरे नियम धरे के धरे रहगये हे आर एस एस के कुवारे कार्यकरता अपनी अस्मिता बचने में लगे हुए हें उनका कहना हे की किसी तरह चुनाव हों ओर हम जीत जाएँ हे| हे रामदेव बाबा, हे अन्ना हजारे ,खंडूरी की इज्जत खंड खंड ना होने देना हमने आपके आन्दोलन में खुल कर सेवा की थी अब मेवा खिलने की बरी हे भूल ना जाना >>> जय हिंद

    ReplyDelete