दिग्गी ने कहा हंग हुई तो राष्ट्रपति शासन नेताओं ने पत्रकारों ने अपने अपने हिसाब से अर्थ लगाये > प्रेस >कांग्रेस ने अभी से हार मानी , कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं से यही पूछा गया की क्या आप अभी से मेदान से बाहर हो गए हें हडबडाये नेताओं ने कहा की ये उनका बयान हे पार्टी इससे इतफाक नहीं रखती हम बहुमत की ओर बढ़ रहे हें कुल सीटों के बारे में पूछा गया तो नेताओं के चहरे देखने लायक थे दमदारी से सो सीट पर कर नहीं पा रहे थे | इसी बयान पर बड़ी पार्टिओं ने कहा की यह कांग्रेस की सोची समझी चल हे वोटरों को डराया जा रहा हे की हमें वोट दो नहीं तो फिर चुनाव के लिए तैयार रहो राहुल के बयानों से साफ हे की हम यू पी में यू पी कि जनता को उनकी इज्जत दिलाने डेट रहेंगे यह बयान राष्ट्रपति शासन लगा कर ही पूरा किया जा सकता हे दिग्गी ने बयान तो सोचसमझ कर दिया हे चाहे जनता को चेतावनी हो या फिर राहुल की मंशा दिग्गी ने यह सन्देश तो दे ही दिया की हम इस बार यू पी को हथिया कर ही दम लेंगे | माया वती के कुशासन से परेशां वोटर मुलायम की ओर देख तो रहे हें पर विश्वास भी नहीं कर रहे हें मुलायम इस बार पिछड़ों ओर मुस्लिम वोटरों पर ही दांव लगाये हुए हें दलित माया के साथ हें बचे बनिया ठाकुर ओर ब्रम्हाण इनकी और कोई नहीं देख रहा हे तमाम राजनेतिक जातियां दलित .आदिवासी .पिछड़े ,मुस्लमान .कंही न कहीं बनते नजर आ रहे हें इन राजनेतिक जातिओं में भी गरीब और अतिगरीब हें पिछड़ों में भी पिछड़े और अति पिछ्तों की संख्या कम नहीं हे उन्हें इन जातियों के कथित मुखिया भेड बकरी की ताराग ही गिन रहे हें इन वोटरों को इसी मूल्य पर ख़रीदा और बेचा जा रहा हे कथित मुखिया इनकी संख्या बतला कर नेताओं से पैसा बसूल रहे हें इन दबे कुचले वोटरों की संख्या कम नहीं हे ये निर्णायक मत हें इन्ही मतों के बदोलत बहु बलि पंचायत से लेकर संसद तक का मार्ग प्रसस्त करते रहे हें यही हमारे प्रजातंत्र की सबसे बड़ी खामी हे जो आज तक हमें भुगतने को मजबूर करती हे >>>>>> जय हिंद
दिग्गी ने कहा हंग हुई तो राष्ट्रपति शासन नेताओं ने पत्रकारों ने अपने अपने हिसाब से अर्थ लगाये > प्रेस >कांग्रेस ने अभी से हार मानी , कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं से यही पूछा गया की क्या आप अभी से मेदान से बाहर हो गए हें हडबडाये नेताओं ने कहा की ये उनका बयान हे पार्टी इससे इतफाक नहीं रखती हम बहुमत की ओर बढ़ रहे हें कुल सीटों के बारे में पूछा गया तो नेताओं के चहरे देखने लायक थे दमदारी से सो सीट पर कर नहीं पा रहे थे |
ReplyDeleteइसी बयान पर बड़ी पार्टिओं ने कहा की यह कांग्रेस की सोची समझी चल हे वोटरों को डराया जा रहा हे की हमें वोट दो नहीं तो फिर चुनाव के लिए तैयार रहो राहुल के बयानों से साफ हे की हम यू पी में यू पी कि जनता को उनकी इज्जत दिलाने डेट रहेंगे यह बयान राष्ट्रपति शासन लगा कर ही पूरा किया जा सकता हे दिग्गी ने बयान तो सोचसमझ कर दिया हे चाहे जनता को चेतावनी हो या फिर राहुल की मंशा दिग्गी ने यह सन्देश तो दे ही दिया की हम इस बार यू पी को हथिया कर ही दम लेंगे |
माया वती के कुशासन से परेशां वोटर मुलायम की ओर देख तो रहे हें पर विश्वास भी नहीं कर रहे हें मुलायम इस बार पिछड़ों ओर मुस्लिम वोटरों पर ही दांव लगाये हुए हें दलित माया के साथ हें बचे बनिया ठाकुर ओर ब्रम्हाण इनकी और कोई नहीं देख रहा हे तमाम राजनेतिक जातियां दलित .आदिवासी .पिछड़े ,मुस्लमान .कंही न कहीं बनते नजर आ रहे हें इन राजनेतिक जातिओं में भी गरीब और अतिगरीब हें पिछड़ों में भी पिछड़े और अति पिछ्तों की संख्या कम नहीं हे उन्हें इन जातियों के कथित मुखिया भेड बकरी की ताराग ही गिन रहे हें इन वोटरों को इसी मूल्य पर ख़रीदा और बेचा जा रहा हे कथित मुखिया इनकी संख्या बतला कर नेताओं से पैसा बसूल रहे हें इन दबे कुचले वोटरों की संख्या कम नहीं हे ये निर्णायक मत हें इन्ही मतों के बदोलत बहु बलि पंचायत से लेकर संसद तक का मार्ग प्रसस्त करते रहे हें यही हमारे प्रजातंत्र की सबसे बड़ी खामी हे जो आज तक हमें भुगतने को मजबूर करती हे >>>>>> जय हिंद