'via Blog this'छोटा मुह ओर बड़ी बात >>>>>>संजय जोशी का एक जमाना था जब उन्होंने अडवानी जी से इस्तीफा माग लिया था संघ के मुखोटे के रूप में बीजेपी पर जोशी हाबी थे अडवानी जी के सामने जोशी एक अदना से नेता थे लेकिन संघ के आशीर्वाद से उनकी हिम्मत की दाद दी जाती थी की उनके जेसा निष्ठावान> होशियार> दबंग >दिलदार हीरो कोई नहीं हे उस वक्त के संघ प्रमुख सुदर्शन जी भी अडवानी जी से इस्तीफा नहीं मांग पा रहे थे तब इस्तीफा मागने का दुशाहस जोशी जी ने किया था बीजीपी के लिए जोशी का यह कदम आत्महत्या से काम नहीं था उस गलती का खामियाजा बीजेपी आज तक भुगत रही हे मुस्लिम वोटरों में सेंध लगाने का अच्छा मोका था अडवाणी जी ने जिन्ना का मुखोटा उस वक्त पहना था जब चुनाव सिर पर थे| जोशी जी दो ही मामले में पूरे देश में जाने जाते हें एक अडवाणी जी का इस्तीफा मागने का दुशाहस ओर उनका सी ड़ी कांड जिससे वो हल ही में बरी हुए थे |
छोटा मुह ओर बड़ी बात उसवक्त भी हुई थी जब जोशी ने अडवाणी जी से इस्तीफा मांग लिया हे आज कि घटना भी कुछ इसी तरह की हे केडर बेस संघ में जोशी के सामने गडकरी कुछ भी नहीं हे पर फिरभी सहस दिखाते हुए इस्तीफा मंजूर कर लिया>>> वक्त ने एसी करवट बदली हे की आज जोशी जी बीजेपी के अतीत का हिस्सा बन गए |
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