Sunday, 27 November 2011

Anil Choubey

Anil Choubey:

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1 comment:

  1. किरण बेदी कानून के घेरे में >>>>>>>>>जिनके खुद के घर कांच के होते हें गोर फरमाएं में ने कांच कहा हे शीसा नहीं शीसा कांच से बहुत मजबूत होता हे वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेकते| सिर से पावं तक भ्रष्टाचार में डूबी किरण कहती हें एफ आइ आर से निपट लेंगे ये उनका पुलिशिया बयान हे दश्तावेज बतला रहे हें की किरण की एन जी ओ ने फंड की हेरा फेरी कि हे दस्तावेज सुचना के अधिकार नियम के तहत निकले गए हें अब किरण के पास सफाई देने के अलवा कहने को कुछ भी नहीं हे हेराफेरी तो हुई हे इसमें दो मत नहीं हेराफेरी में किरण कितनी इन्वाल्ब थीं ये जाँच का विषय हे जो धाराएँ किरण पर लगी हे उनके लगे रहने तक किरण बेदी को अन्ना की टीम से दूरही रहना चाहिए अन्ना की पूरी टीम में इस वक्त किरण का चरित्र दाग दार हे उनका टीम अन्ना में रहना अन्ना के लिए भरी पड़ सकता हे बेसक किरण टीम अन्ना में अहम् किरदार का रोल निभा रही थी पर इस वक्त विवादों में घिर जाने से अन्ना को बड़ा झटका लग सकता हे आन्दोलन के वक्त अन्ना को जो भी पुलाशिया सहयोग मिला उसमे किरण का अहम् रोल था किरण बीच में नहीं होती तो पुलिश बाबा की तरह अन्ना से भी निपट लेती ओर अन्ना के अहिंसक आन्दोलन को हिंसा में बदल देती अन्ना की छवि ख़राब कर सकती थी किरण के होते हुए पुलिश हथकंडे नहीं अपना पाई ओर आन्दोलन सफल रहा |
    किरण के बाद अब केजरीवाल की बरी हे कांग्रेस खोज रही हे केजरीवाल के खिलाप साबुत केजरीवाल की भी एन जी ओ हे भारत में एन जो ओ को साफसुथरी रहना मुस्किल हे | अन्ना टीम ने क अक्षर सूट नहीं कर रहा हे >>>>>>>>>> जय हिंद

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