Monday, 7 November 2011

Gmail - अन्ना की फजीहत - achoubey242@gmail.com

Gmail - अन्ना की फजीहत - achoubey242@gmail.com:

'via Blog this'अन्ना की फजीहत >>>>>कहावत हे कि जिनके खुद के घर कांच के होते हें वो दोसरों पर पत्थर नहीं फेंकते मेने कांच कहा हे सीसा नहीं कहा सीसा तो मजबूत होता कांच बहुत कमजोर होता हे अन्ना के बल्गार ने अन्ना टीम पर इल्जाम लगायेहें की टीम अन्ना के सदस्य अन्ना कि इज्जत नहीं करते मतलब जो अन्ना सोचते हें वो कर नहीं पाते इल्जाम गंभीर हें अन्ना पर करोड़ों देश वासियों की आस्था हे उस पर सवाल खड़ा कर दिया हे ये बात बल्गार की मुझे ठीक इस लिए लगती हे की जन लोकपाल के मुद्दे की आड़ में हिसार चुनाव के वक्त जिस तरह की भूमिका में केजरीवाल थे उससे तो लगरहा था की वो अपनी उस ताकत का दुरुपयोग कर रहे थे जो जनता ने जन लोकपाल के मुद्दे पर अन्ना को दी थी | केजरीवाल ने चुनाव का विरोध कर प्रजातंत्र का अपमान किया हे जनता स्वतंत्र हे उसे किसे वोट देना हे किसे नहीं ये अधिकार केजरीवाल को किसी ने नहीं दिया हे | यहीं से शुरु हुआ अन्ना टीम के विघटन का मामला हो सकता हो कि उस वक्त अन्ना को प्रेसर देकर केजरीवाल ने अपना अड़ियल रवैया अपनाया हो किंरण वेदी ने साथ दिया हो मनीष तो केजरीवाल का चम्मच हे भूषण वकील काम ओर नेता अधिक हें हो सकता हे की उनकी भी सहमती हो पर चुनव को लेकर अन्ना का मत इनसे भिन था | केजरीवाल ने एक और अहंकारी होने का प्रमण दिया हे उसने नो लाख का चेक मनमोहन जी को भेज दिया ये केसे हरकत हे की अब मनमोहन जी उस चेक को केजरीवाल के दफ्तर जाकर जमा करवाएँगे और उसकी रिसिप्ट वो केजरीवाल को भिजवांगे इस तरह की मानसिकता रखने वाले ने निश्चित हे चंदे में हेरा फेरी की होगी मनमोहन जी को चेक भेजने का मतलब हे की आपने जो पैसा कर्ज पर लिया हे उसे चुकाना नहीं चाहते उसे खबर बनाना चाहते हो ये क्या बात हुई प्रधानमंत्री कार्यालय को इस तरह की घटना पर कड़ी आपति दर्ज कर केजरीवाल को सबक सिखाना चाहिए |

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