Friday, 4 November 2011

Gmail - टेक्स और टेक्स - achoubey242@gmail.com

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1 comment:

  1. कांग्रेस के प्रवक्ता सिंघवी का कहना हे की सरकार को हक़ हे ओर कांग्रेस को उम्मीद हे की जनता को वह रहत देगी सिंघवी जी सरकार आपकी पार्टी चला रही हे या तेल कम्पनिया जनता जानना चाहती हे तेल की कीमतों पर मुकर्जी दादा बोले अभी और बढ़ेगी जब तक कांग्रेस का एक भी वोटर हे कीमत ओर बढ़ेगी देश क्या विदेशों में भी चर्चा हे की इस वक्त तेल की कीमत भारत जेसे देश में नहीं बढ़ना चाहिए ये भारत की अर्थव्यवस्था को बिगड़ने का षड्यंत्र हे भारत में कीमतें चरम सीमा पर हें सरकार जनता का इम्तिहान ले रही हे |
    भारत की टेक्स प्रक्रिया इतनी लचर हे की हर चीज पर टेक्स हे टेक्स पर टेक्स हे अब सिर्फ बोलने पर साँस लेने पर पैदल चलनेपर और मरने पर टेक्स लगाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस विचार करने वाली हे कोई सरफिरा आइ ए एस किसी विदेश यात्रा पर जायेगा ओर एक एसा यंत्र भारिभाकम कमिसन लेकर खरीद लायेगा जो बोलने का हिसाब रखेगा ,साँस लेने का हिसाब रखेगा उसमे खास बात यह होगी की वित्तय विभाग सेटलाईट प्रानली से इस पर नजर रखेगा| चलने और मरने के हिसाब की जुमेदारी परिवहन और मानव संसाधन के पास होगी इसतरह के टेक्स लगाने के लिए बाकायदा मत्रिमंडल की मंजूरी होगी बाकायदा सांसद में इसे अंगरेजी के भरी भकम शब्दों के साथ पास करा लिया जायेगा हिंदी भाषी सांसदों को समझ ही नहीं आयेगा साऊथ के सांसद मेज थप थापा कर इसे पास करवा लेंगे क्योंकी उनकी भाषा इस साफ्ट वेयर को मंजूर नहीं होगी इसी तरह पेट्रोलियम कम्पनियों को जब डी कंट्रोल किया जा रहा था तो सभी पार्टी के सांसदों ने मेज बजाई थी अब जब तेल कम्पिनियों ने मॉल काटना शुरु किया ही हे की नेताओं को अपनी जमीन खिसकती नजर अनेलागी हे तो लगे राहत राहत चिल्लाने | हमारे देश कि पम्परा हे की एक बार जो रेट बढ़ गए सो बढ़ गए व्यापारियों ने तो अपने मर्जी से रेट बढ़ा ही लिए अब वो काम होने वाले नहीं हें चाहे सरकार तेल के रेट गिरा दे फिरभी व्यापारी रेट काम करने वाला नहीं हे व्यापारिओं पर सरकार का कोई कट्रोल नहीं हे जनता को तो उसी बढे रेट पर मॉल मिलेगा

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